राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर नई दिल्ली स्थित पटेल चौक पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और देश के प्रति उनके अतुलनीय योगदान को याद किया। इस खास मौके पर उपराष्ट्रपति, केंद्रीय गृह मंत्री और दिल्ली के शीर्ष प्रशासनिक व राजनीतिक दिग्गजों ने भी सरदार पटेल को श्रद्धांजलि दी।
देशभर में 31 अक्टूबर को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2014 में भारत सरकार द्वारा देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की गई थी।
जयंती और कार्यक्रम की मुख्य झलकियां (At a Glance)
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अवसर: सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती (राष्ट्रीय एकता दिवस)
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स्थान: पटेल चौक, नई दिल्ली
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श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले प्रमुख व्यक्तित्व: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
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अन्य प्रमुख उपस्थिति: दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद बांसुरी स्वराज
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विशेष आयोजन: देशभर में ‘रन फॉर यूनिटी’ और एकता मार्च का आयोजन
रियासतों के एकीकरण के नायक को नमन
31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में जन्मे सरदार वल्लभभाई पटेल ने आजादी के बाद देश के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में ऐतिहासिक जिम्मेदारी निभाई। स्वतंत्रता के पश्चात 500 से अधिक रियासतों को भारत संघ में शामिल कर देश को एक सूत्र में पिरोने का श्रेय सरदार पटेल को ही जाता है। इसी दृढ़ नेतृत्व और दूरदर्शिता के कारण उन्हें ‘लौह पुरुष’ और भारत का एकीकरणकर्ता कहा जाता है।
पटेल चौक: ऐतिहासिक व प्रशासनिक केंद्र
नई दिल्ली का पटेल चौक सेंट्रल दिल्ली के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण प्रशासनिक क्षेत्रों में से एक है, जिसका नामकरण देश के पहले गृह मंत्री के सम्मान में किया गया है। इसके आसपास देश के कई प्रमुख सरकारी कार्यालय, मंत्रालय और संवैधानिक संस्थान स्थित हैं।
‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन
राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में देशभर में ‘रन फॉर यूनिटी’ और सुरक्षा बलों द्वारा ‘एकता मार्च’ का आयोजन किया जा रहा है। एकता नगर में शनिवार शाम को विशेष ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें युवाओं से बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया गया है।















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